What is media?

मीडिया क्या है?
 मीडिया एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाता है क्योंकि मनुष्य स्वभाव से ही जिज्ञासु प्रवृति का रहा है एवं वह देश दुनिया में घटित घटनाओं की जानकारी लेने में रुचि लेता है अतः उसकी इसी प्रवृति को उल्लेखनीय रूप से शांति करने के लिए मीडिया का जन्म हुआ। वर्तमान में इसका दायरा विस्तृत रूप ले चुका है। मीडिया की विभिन्न पत्रकारों एवं लेखकों ने निम्न तरह से परिभाषित किया है। जैसे कि डेनिस मैक्वील ने कहा है कि मीडिया समाज परिवर्तन की यंत्र शक्ति है। तो वहीं पर रश्मि बोरा ने कहा कि मीडिया समाज का दर्पण है। और आर के मजूमदार ने के अनुसार मीडिया वह माध्यम है जिसके द्वारा समाज शिक्षित होता है। और कृष्ण कुमार ने कहा कि मीडिया व साधन है जिसके द्वारा नागरिकों को उनके अधिकारों का अभाव होता रहता है।



 कहने का मतलब है कि सभी लोगों ने मीडिया का अर्थ और उसकी परिभाषा को अपने तरीके से बताया, अपनी सोच को व्यक्त किया कि मीडिया क्या है किस तरह से काम करती है समाज और लोगों के लिए कितना जरूरी है।
अब मीडिया सभी जन के लिए वो माध्यम है जिससे लोग अपनी जिज्ञासा को और बढ़ा सके। अब अगर जन मीडिया का जिक्र हुआ है तो आइए जानते है कि ये जन मीडिया है क्या और यह समाज के लिए कितना जरूरी हो?
 सामाजिक परिवर्तन के रूप में मीडिया लोगों की चेतना को जागृत कर उन्हें एक लक्ष्य प्रदान कर रही है। वर्तमान समय में मीडिया में बढ़ता जा रहा उपभोक्तावाद निश्चित रूप से चिंता का विषय है क्योंकि मीडिया का कार्य सिर्फ सूचना एवं मनोरंजन करना नहीं बल्कि लोगों को सभी क्षेत्रों में जागरूक करते हुए स्वच्छ और नैतिक जनमत तैयार करना भी है। मीडिया और समाज में घनिष्ठ संबंध होता है। तकनीकी के क्षेत्र में विकास होने से हमारे समाज में अवलोकन करने व सोच विचार में काफी वृद्धि हुई है इसमें सूचना पाने के तरीके व माध्यम काफी विकसित हुए हैं। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में मीडिया की भूमिका हमेशा से ही महत्वपूर्ण रही है इसलिए मीडिया को भारत में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। मीडिया और समाज अपने विभिन्न क्रियाकलापों से एक दूसरे को प्रभावित करते हैं। मीडिया समाज के प्रत्येक क्रियाकलाप को प्रस्तुत करता है और अपने प्रस्तुति के माध्यम से लोगों को अच्छाई बुराई सच झूठ से अवगत कराता है और समाजवाद देश के विकास हेतु प्रेरित करता है इसलिए मीडिया को समाज का दर्पण भी कहा जाता है। यदि कभी-कभी मीडिया द्वारा गलत सूचना देने के कारण समाज में तनाव या हिंसा की घटनाएं घटित होती है जो कि मीडिया से नकारात्मक पक्ष को दर्शाती है। इसके बावजूद मीडिया हमेशा ही समाज को जागरूक कर देश की प्रगति के लिए प्रेरित करता है।

अब मैं आपको बताऊंगी कि मीडिया का उद्देश्य सभी जनमानस के लिए और समाज के लिए कितना जरूरी है और मीडिया का उद्देश्य क्या है?

मीडिया का मूल उद्देश्य सूचना देना शिक्षित करना तथा मनोरंजन करना है। सम्पूर्ण मीडिया इन्हीं तीन उद्देश्य के साथ तथ्यों को अपने भीतर समाहित किए हुए हैं। मीडिया संप्रेषण का एक सशक्त माध्यम है या अपनी बहुमुखी प्रवृत्तियों के कारण व्यक्ति और समाज के जीवन की गहराई की अनुभूति कराता है। समाज का कोई भी पक्ष हो राष्ट्र की कोई भी चिंता हो या मीडिया के द्वारा ही फलीभूत  होती है। यही वजह है कि सामाजिक धार्मिक रूढ़ियों तथा नंबरों के विरुद्ध मीडिया निरंतर संघर्ष करता है तथा लोकहित, लोक कल्याण उस का प्रमुख पक्ष रहता है। वह जनता को शिक्षित करने से लेकर उस तक सच, झूठ की वास्तविकता को सामने लाने का सूत्रधार रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में मीडिया का एक नया स्वरूप समाज में तीव्र गति से प्रसार कर रहा है। मीडिया का यह नया स्वरूप है सोशल मीडिया।
जैसे- यू-ट्बूब ,ब्लॉग,फेसबुक, वाट्सऐप,ट्विटर, हिस्टाग्राम ,गूगल,आदि ।

मीडिया का कार्य-क्षेत्र - मीडिया का सर्वप्रथम कार्य जन-मानस तक सूचनाओं को उपलब्ध कराना मीडिया का सर्वप्रथम कार्य है। सूचनाएं समाज के विभिन्न मुद्दों पर आधारित हो सकती है, अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर की भी हो सकती है। शिक्षि4त करना मीडिया का दूसरा महत्वपूर्ण कार्य लोगों को शिक्षित करना है। ऐसे कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं जिससे समाज में शिक्षा फैलती है। समाचार पत्र ऐसे आलेख प्रकाशित करते हैं जो समाज से जुड़े होने के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों को शिक्षित करता है। मीडिया द्वारा सूचना एवं शिक्षा प्रदान करने के बाद तीसरा कार्य मनोरंजन करना होता है। लोगों का स्वभाव मनोरंजन करना मीडिया का दायित्व है.



 मीडिया का एक बड़ा कार्य निगरानी करना है। यह निगरानी ऐसे मामले से संबंधित है जिससे उचित होता है भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करना गलत होते देख कर उसे जनता के सामने लाना मीडिया की निगरानी कार्य क्षेत्र के अंतर्गत ही आता है। मीडिया विचार-विमर्श के लिए उपलब्ध कराता है। समाचार पत्रों में किसी विशेष विषय पर पाठकों की राय मांगी जाती है साथ ही उस मुद्दे से जुड़े विशेषज्ञों की राय भी प्रकाशित की जाती है। इसके अतिरिक्त टीवी चैनलों पर सामूहिक चर्चा वाद विवाद का मंच उपलब्ध कराकर मीडिया लोगों को वैचारिक स्वतंत्रता प्रदान करता है.
शालिनी आनन्द 


English translation...-


What is media?
Media is the medium through which information is exchanged, because man is naturally an inquisitive nature and is interested in taking information about events in the world and hence the media was born to make this tendency significantly peaceful. Its scope has at present been widened. Various media journalists and writers have defined the following way Just as Dennis Michael has said the media is the instruments power of change the society. Then rashmi bora at the same place said that the media was the mirror of society. And according to r's majumdar, the media is the medium by which society is educated. And Krishna kumar said it was the media and the means by which the citizens lacked their rights. To say, the meaning and definition of media is defined by all people in their own way, expressing your mind what the media is and how the people and society work. Now the media is the medium for all the people to push their curiosity further.



Now, if mass media is mentioned, let us know what it is mass media and how much it should be necessary for society. Media as a social change is giving them a goal by awakening people's consciousness. Presently, consumerism in the media is certainly a matter of concern because the work of media is not just information and entertainment but also the creation of a clean and ethical public opinion by educating the people in all spheres. Media and society share a close bond. In the field of technology.

Shalini Anand

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