हाँ मुझे चरित्रहीन औरतें पसन्द हैं!!!

हां
मुझे भी चरित्रहीन
औरतें पसंद हैं...
बेहद... बेहद..
खूबसूरत होतीं है वो..

बेबाक, बेपर्दा,
स्वतंत्र और उन्मुक्त...

कि उनका कोई
चरित्र नहीं होता।
केवल चरित्रहीन
औरतें ही
खूबसूरत होती हैं।

पिंजरे में कैद
चिड़िया कितनी भी
रंगीन हो,
सुन्दर नहीं लगतीं...
चाहे कोई
कितनी भी
कविताएं लिख ले
उनपर..

क्या होता है चरित्र...?

चरित्र गुलामी है,
एक बंधन...
वो शर्तों से
तय होता है।
चरित्र गैर कुदरती है...
प्रकृति विरोधी...
अप्राकृतिक

चरित्र है...
किसी तथ्य पर
थोपीं गई शर्तें..
शायद

हवा का
चरित्र क्या है ?
शांत, धीमे,
तेज कि आंधी ...

पानी का
चरित्र क्या है...?
गर्म,
ठंडा या बर्फ..
और
मिट्टी का चरित्र ? 
मूरत या ईंट...

जो चरित्रहीन होते हैं,
सुंदर वही होते हैं...
आजाद लोग ही
खूबसूरत होते हैं....

कौन सुंदर है...?

कोने में अपनी ही
कुंठाओं में दबी
खामोश औरत
चरित्रवान औरत....

या किसी खुले में
अपने मन से
ठहाके लगाकर
हंसती
चरित्रहीन औरत ?.

कौन है सुंदर ?

वो जो चाहे तो
आगे बढ़कर चूम ले...
बोल दे कि
प्यार करती हूँ.....
या वो....
जो बस सोचती रहे
असमंजस में
और अपने मन का
दमन किए रहे...

दमित औरतें
निसंदेह
सुंदर नहीं होती,
पर स्वतंत्र
चरित्रहीन औरतें
होती हैं खूबसूरत...

सोचना कभी ....,
जब अपनी टांगे
फैलाई तुमने अपने
पुरुष के सामने...
अगर वो केवल
पुरुष के लिए था
तो ही वो चरित्र है....
लेकिन वो तुम्हारे
अपने लिए था
तो चरित्रहीनता....
अपने लिए,
अपने तन और
मन के लिए
खुल कर जीती
औरते
सुन्दर लगती है....
हम
उसे चरित्रहीन ही
पुकारेगें

बच्चे
चरित्रहीन होते हैं... 
उनका
सबकुछ बेबाक...
आजाद होता है।
वो हंसते हैं खुलकर,
रोते हैं खुलकर,
दुख सुख,
खुशी गम...
सब साफ सामने
रख देते हैं।
वो दमन
नहीं करते अपना।

चरित्र दमन है...
पहले अपना,
फिर अपनों का,
फिर
अपने समाज का....

गौर करना....
जो जितना
चरित्रवान होता है,
वो उतना ही
दमित होता है,
और फिर
उतना ही बड़ा
दमनकारी होता है।

हां, चरित्रहीन
औरते सुंदर होती हैं..

वो, जिसका
मन हो तो अपने
पुरुष की हथेली
अपने स्तनों तक
खींच ले....
वो, जिसका
मन हो तो वो
अपने पुरुष को
अपनी बांहों में
जोर से भींच ले....

वो,
जिसका मन करे
तो रोटियां बेलते,
नाच उठे...
वो जिसका मन करे
तो जोर से गा उठे....
वो, जो चाहे
तो खिलखिलाकर
हंस सके।
वो जो चाहे तो
अपने प्रिये की
गोद में धंस सके।
वो, जो चाहे तो
अपने सारे आवरण
उतार फेंके।
वो, जो चाहे तो
सारे कपड़े लपेट ले।
वो, जो चाहे तो
अपने बच्चे को
स्वतंत्रता से अपना
स्तन खोल
दूध पिला सके,
उसे दुलरा सके।

बच्चे को
जन्म देते जब वो
दर्द में चीखती है
तो वो
चरित्रहीनता है...
आसपास की औरतें
उसे चुप करातीं हैं।
आवाज नहीं
निकलाने की
सलाह देती हैं....
सारा दर्द
खामोशी से
सहने को कहती है...
चरित्र का ये बंधन
कबूल
नहीं होना चाहिए।
प्रसव पीड़ा...
तकलीफ है,
सृजन की तकलीफ...
तो उससे धरती
गूंजनी चाहिए।

अपने
पुरुष के साथ
उसके मदमस्त
खेल का दमन भी
गैर-कुरदती है।
इसे भी
मुक्त होना चाहिए,
उसे भी
चरित्रहीनता
होना चाहिए......

सुना है कभी
किसी औरत को
अपने परमानंद के
क्षणों में एकदम
खुलकर गाते ?

क्यों नहीं
बोल पाती वो,
अपने
भावों को स्वरों में ? 
क्योंकि ये उसे
चरित्रहीन
साबित करेगा...

पर ऐसी औरतें ही
सुन्दर लगती हैं....

धरती की
हर चीज का
सुख लेते,
अपने भीतर
और बाहर
हर चीज से
खुलकर खुश होते....
प्यार में डूब
सबकुछ से
प्यार करती
आजाद औरत।

हां,
उस चरित्रहीन
औरत से खूबसूरत
कुछ भी नहीं।

हां मुझे भी
चरित्रहीन औरतें
सुंदर लगती हैं.
बस वही
सुंदर होती हैं...

कुंठित,
गिरहबंद,
बंद चरित्रवान
औरतें तो
कुरूप होती है,
बेहद बदसूरत,
बनावटी।

मुझे
कुदरत पसंद हैं
और
उससे चरित्रहीन
कुछ भी नहीं,
उसका
कोई चरित्र नहींl

चरित्र के मायने
बंधा हुआ कैद
जो मुझे नपसंद....
"साभार सोसियल मीडिया"


Yes I like too characterless woman... Damn it...
Damn it.. Beautiful is tha world..
Free and unrestricted...
That he has no character. Only characterless women are beautiful. No matter how colorful the bird is in the cage, it doesn't look beautiful...
 No matter how many poems he writes on them. What happens is character...? Character is slavery, a bond is...
 It's dictated by terms and conditions. Character is non spontaneous...
 Anti nature Unnatural character is... Conditions imposed on some fact.. Perhaps what is the character of the wind? The wind blew me back and forth. What is the character of water...? Hot, cold or snow..
And the character of soil? Moat or brick... Those who are characterless, are the prettiest onec...
A free people are beautiful...
Who is the beautiful one...?
The quiet woman, the truthful woman, is the woman in the corner. Or a woman without a character laughing with her head in the open? Who is handsome? Let 's move forward if he wants to...
You love to speak...
Or that too...
Who were just thinking and suppressing their minds...
 Women repressed are no doubt beautiful, but free characterless are beautiful...
Never think before... When you stretch your legs in front of your man...
 If it was only for male then that is character...
But it was for yourself, you have no character. A woman who lives for herself, open for her body and mind, looks beautiful... We pu her characterless same

Comments

  1. अभिव्यक्ति की आज़ादी, कुदरत के नियमों के आधार से होती हुई..स्त्री के उन्मुक्त विचारों से समेटकर चरित्र को गढ़ने का दंभ भरती..कविता.. सचमुच विशेषता लिये हुए हैं.।

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